पश्चिम बंगाल रेल हादसे में 60 की मौत, 157 घायल (राउंडअप)
राज्य में पिछले दो माह के दौरान यह दूसरा हादसा है। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। बनर्जी ने दुर्घटना के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की है।
टक्कर के दौरान रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। एक डिब्बा तो स्टेशन पर बने पैदल पुल की ऊंचाई तक उछल गया।
क्षतिग्रस्त डिब्बों से शवों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का प्रयोग करना पड़ा। कई शव डिब्बे में इस तरह चिपक गए थे कि उन्हें निकालना मुश्किल था। ऐसे में शव को अलग-अलग हिस्से में बाहर निकाला गया।
राहत और बचाव के लिए सेना को बुलाया गया लेकिन स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अहम योगदान दिया। कई घायल रात के अंधेरे में तड़पते रहे।
अपने बच्चे के साथ यात्रा करने वाली एक महिला ने कहा, "मैंने देखा कि डिब्बे में हमारे सामने कई लोग घायल पड़े हैं। कई लोग अपने अंग गंवा चुके थे। कुछ लोगों ने शरीर का आधा हिस्सा गंवा दिया था।"
मरने वालों में 58 यात्री और तीन रेलवे के कर्मचारी हैं। 157 घायलों में 37 की घायल नाजुक है।
मरने वाले रेल कर्मचारियों में उत्तर बंगा एक्सप्रेस के चालक एम. सी. देय, सहायक चालक एन. के. मंडल और वनांचल एक्सप्रेस के गार्ड ए. मुखर्जी शामिल हैं।
रेलवे ने आशंका जाहिर की है कि उत्तर बंगा एक्सप्रेस के चालक द्वारा सिग्नल की अनदेखी करने, जबकि अन्य का कहना है कि सिग्नल सिस्टम में खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई है। रेलगाड़ी के ब्रेक फेल होने से भी दुर्घटना घट सकती है।
सूत्रों ने बताया कि रेलगाड़ी करीब 110 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही थी और वह घटनास्थल से केवल नौ किलोमीटर पहले बिना स्टॉपेज के गदाधरपुर में रूकी थी।
अधिकारी ने कहा कि सैंथिया में स्टॉपेज होने के बावजूद वह इतनी तेज गति से क्यों चल रही थी।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने भी दुर्घटना के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की है।
उन्होंने सैंथिया में कहा, "दुर्घटना कैसे हुई इसको लेकर मुझे कुछ संदेह है। विस्तृत जांच के बाद हम इस बारे में बात करेंगे।"
ममता ने घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले कहा, "यह दुखद घटना है। लोगों की जान बहुत महत्वपूर्ण है। हमें इस हादसे पर गहरा खेद है। दो महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में यह दूसरा हादसा है।"
ममता ने कहा कि मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के निकट संबंधी को पांच लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल को 25,000 रुपये दिए जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पार्टी की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया, "सोनिया ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवदेना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के जल्द सेहतमंद होने की कामना की है।"
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता तरुण विजय ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने रेल मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बनर्जी को बिना मंत्रालय का ही मंत्री होना चाहिए।
पूर्व रेल मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने दुख प्रकट करते हुए इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की ओर से भी यही मांग की गई है।
यह हादसा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी उतरने की घटना के 52 दिनों बाद बाद हुआ है। पश्चिम मिदनापुर जिले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना में 148 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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