रेल हादसा : पश्चिम बंगाल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
वाम मोर्चा के घटकों, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), रिवल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी की यात्रियों की सुरक्षा का पर्याप्त ध्यान न देने के लिए आलोचना की है।
माकपा नेता श्यामल चक्रबर्ती ने कहा, "रेल मंत्री यात्रियों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही हैं। वह नई रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाने में व्यस्त हैं। यात्रियों की सुरक्षा कहां है?"
लोकसभा में माकपा के नेता और रेल सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष बासुदेव आचार्य ने बनर्जी पर जमकर हमला किया और मांग की कि बनर्जी को दुर्घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आचार्य ने कहा, "उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा और हिफाजत को उतना महत्व नहीं दिया है। उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मुझे याद है कि गैसाल रेल दुर्घटना (2 अगस्त, 1999) के बाद तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया था।"
आरएसपी नेता और राज्य के मंत्री क्षिति गोस्वामी ने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा का प्राथमिकता के आधार पर ध्यान रखना चाहिए। यह बहुत दुखद है कि पश्चिम बंगाल में दो महीने के भीतर दो रेल दुर्घटनाएं हुईं।"
दूसरी ओर बनर्जी ने इस मामले में किसी साजिश का संकेत दिया है।
दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "दुर्घटना कैसे हुई, इसे लेकर मेरे मन में कुछ संदेह है। हम विस्तृत जांच के बाद इसके बारे में बात करेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह दुर्घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराना चाहेंगी, बनर्जी ने कहा, "इसके बारे में मैं विस्तृत जांच पूरी हो जाने के बाद आपको बताऊंगी। हमें यह समझना जरूरी है कि ज्ञानेश्वरी दुर्घटना के दो महीने के भीतर कैसे यह दुर्घटना हुई।"
बनर्जी ने दुर्घटना के पीछे राजनीतिक कारणों की ओर इशारा करते हुए कहा, "ज्ञानेश्वरी दुर्घटना, 30 मई के स्थानीय निकाय चुनाव के दो दिनों पहले घटी थी।"
इसके पहले दुर्घटना स्थल के लिए रवाना होते समय बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा था, "हम सूचना की तलाश में हैं। हमें फिलहाल विवरण लेने दें। जो कुछ हुआ है, वह कोई सामान्य बात नहीं है। हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इस दुर्घटना के पीछे जो भी होगा, हम उसके खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।"
तृणमूल नेता और केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय कुछ ज्यादा ही आक्रामक दिखे।
रॉय ने कहा, "हमारे राजनीतिक कार्यक्रमों के पहले हमेशा कोई रेल दुर्घटना घटती है। पिछली बार ज्ञानेश्वरी दुर्घटना के दौरान नगर निकाय के चुनाव दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे। अब 21 जुलाई को हमारी राजनीतिक सभा (तृणमूल की वार्षिक शहीद दिवस रैली) है, तो उसके पहले फिर रेल दुर्घटना घटी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications