राठौड़ के खिलाफ सुनवाई 9 अगस्त तक स्थगित
चण्डीगढ़, 19 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सोमवार को हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस.पी.एस. राठौड़ की दो ताजा आपराधिक मामलों में अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई नौ अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है।
रुचिका के परिवार के सदस्यों की शिकायत पर पिछले साल दिसम्बर में राठौड़ के खिलाफ ताजा मामले दर्ज किए गए थे।
राठौड़ को रुचिका छेड़छाड़ मामले में जेल की सजा हुई थी। वह 25 मई से यहां बुरैल जेल में बंद हैं।
उनके खिलाफ दर्ज हुई दो ताजा प्राथमिकियों में उन पर गैर-जमानती आरोप लगाए गए हैं। पिछले साल 29 दिसंबर को दर्ज हुए इन मामलों में उन पर हत्या की कोशिश, आपराधिक धमकी, सबूतों से छेड़छाड़, गलत तरीके से जेल में रखने, झूठे सबूत गढ़ने और आपराधिक षडयंत्र के आरोप हैं।
रुचिका के पिता एस.सी. गिरहोत्रा और भाई आशु गिरहोत्रा द्वारा की गई ताजा शिकायतों के बाद उनके खिलाफ ये प्राथमिकियां दर्ज की गईं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकीलों को इन मामलों में अपना जवाब तैयार करने के लिए और समय की आवश्यकता थी, इसे देखते हुए न्यायाधीश सबीना ने सुनवाई नौ अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
सीबीआई के वकील अजय कौशिक ने आईएएनएस से कहा, "राठौड़ की अग्रिम जमानत के मामलों में हमें अपना जवाब देने के लिए कुछ समय की जरूरत है। हम मजबूती से इसका विरोध करेंगे।"
वैसे राठौड़ की पत्नी व वकील आभा राठौड़ ने सोमवार को अदालत से इन मामलों में सीबीआई को अपनी रिपोर्ट जल्दी देने के लिए कहने का आग्रह किया था।
उनका कहना था कि सीबीआई जांच पूरी करने में अनावश्यक रूप से लंबा समय ले रही है।
हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख 68 वर्षीय राठौड़ 25 मई से जेल में हैं। अदालत ने पिछले साल दिसंबर में रुचिका छेड़छाड़ मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दिए गए फैसले को सही ठहराते हुए राठौड़ की सजा बढ़ाकर 18 महीने कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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