रेल हादसा (प्रतिक्रिया) : ममता पर विपक्ष का हमला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रेल हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि ममता को बिना मंत्रालय का मंत्री होना चाहिए। भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने सोमवार को पूछा कि बार-बार हो रही रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेल मंत्रालय क्यों नहीं कदम उठा रहा है।
विजय ने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए रेल मंत्रालय का उपयोग कर रहीं हैं, इसलिए बेहतर होगा कि उनको बिना मंत्रालय का मंत्री बना दिया जाए। भाजपा ने बनर्जी को रेल मंत्रालय के कामकाज पर ध्यान देने की सलाह दी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने इस हादसे को अफसोसनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्षो पहले 'एंटी-कोलिजन डिवाइस' लगाने का फैसला किया गया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। येचुरी ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री को गौर करना चाहिए।
इस हादसे पर पूर्व रेल मंत्रियों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव तथा लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने दुख जताया है। दोनों नेताओं ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
लालू प्रसाद ने सोमवार को मोतिहारी के दौरे पर जाते हुए पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वर्तमान रेल मंत्री के कार्यकाल में रेल हादसे बढ़े हैं। उन्होंने इन रेल हादसों की गंभीरता से जांच की आवश्यकता बताई।
पासवान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए ममता पर आरोप लगाया कि वह रेल मंत्रालय के कायरें को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाग लें या फिर रेल मंत्रालय संभालें।
इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने घटना को दुखद करार देते हुए कहा, "जब मैं रेल मंत्री था तभी 'एंटी-कोलिजन डिवाइस' लगाने का फैसला हुआ था ताकि ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। समझ में नहीं आता कि इतने साल बाद क्या हुआ।"
गौरतलब है कि बीरभूम जिले के सैंथिया रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में 60 लोगों के मारे जाने और 150 के घायल होने की पुष्टि की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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