मंत्री पर हमले में हुआ आरडीएक्स का उपयोग (लीड-1)
लखनऊ में शुक्रवार शाम राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं को बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि इस बम विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा इसमें ईंधन तेल का भी प्रयोग हुआ था।
लाल के मुताबिक जिस स्कूटी में विस्फोटक रखकर बम विस्फोट किया गया था उसका चेचिस और इंजन नंबर मिल गया है। स्कूटी 1998 के सनी मॉडल की है। उन्होंने कहा कि अब हम स्कूटी के मालिक तक पहुंचकर घटना के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटा पाने में कामयाब हो सकेंगे।
पुलिस के मुताबिक यह दूसरा मौका है कि जब उत्तर प्रदेश में आरडीएक्स के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
इससे पहले साल 2007 में लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद की कचहिरयों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में आतंकियों ने आरडीएक्स का प्रयोग किया था।
मंत्री पर हमले के मामले में पुलिस ने इलाहाबाद के नैनी इलाके से बुधवार देर रात कृपाशंकर पांडे और राजेश यादव नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोनों को पुलिस ने गुरुवार देर रात गुपचुप तरीके से अदालत में पेश किया था।
घटना में शामिल जिन आधा दर्जन लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनके गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद के मुट्ठीगंज स्थित मंत्री के आवास के बाहर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे यह बम विस्फोट किया गया था। हमला उस समय किया गया जब मंत्री घर से निकलकर पास में स्थित मंदिर जा रहे थे। मंत्री को निशाना बनाकर किए गए इस बम हमले में राकेश मालवीय नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि मंत्री के अलावा चार अन्य लोग जख्मी हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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