कांग्रेस ने कुरैशी के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया (लीड-1)
कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने संवाददाताओं से कहा, "हम पाकिस्तानी विदेश मंत्री से यह प्रमाणपत्र नहीं चाहते कि कृष्णा को वार्ता करने का जनादेश प्राप्त है या नहीं। उन्हें पूरा जनादेश है।"
कुरैशी की टिप्पणी गुरुवार को कृष्णा के साथ इस्लामाबाद में हुई वार्ता के एक दिन बाद आई है।
कांग्रेस ने कुरैशी द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद और केंद्रीय गृह सचिव जी. के. पिल्लै के बयानों की तुलना करने की कोशिश को 'अस्वीकार्य' करार दिया है।
गुरुवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जब सईद के भारत विरोधी बयानों के बारे में पूछा गया तो कुरैशी ने कहा कि पिल्लै ने बयान दिया है कि 26/11 हमले में आईएसआई का हाथ था, इसलिए इस मामले में कोई मदद नहीं की जाएगी।
नटराजन ने कहा कि कुरैशी कहने का तरीका बदलते हुए पिल्लै के बारे में आलोचना की बजाय कुछ और ही बोल गए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि कृष्णा ने अपना मिशन 'सफलतापूर्वक पूरा किया।'
यह पूछे जाने पर कि जब पिल्लै की आलोचना की जा रही थी, तब कृष्णा चुप क्यों थे, नटराजन ने कहा, "वह (कृष्णा) परदेस की धरती पर संयम और मर्यादा कायम रखने का प्रयास कर रहे थे।"
यह पूछने पर कि पाकिस्तान के साथ बातचीत क्या आगे भी जारी रहेगी, उन्होंने कहा, "भारत-पाक वार्ता तब तक सार्थक नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान 26/11 के आतंकवादी हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा और सीमा पार से चलाई जाने वाली आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाएगा।"
इससे पहले पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "गृह सचिव के बयान की हाफिज सईद या सलाऊद्दीन के बयानों से तुलना करने का कोई आधार नहीं है। ऐसा करना हास्यास्पद होगा।"
दरअसल, कुरैशी से लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के भारत के खिलाफ नफरत भरे भाषणों के बारे में सवाल पूछा गया था तो इस पर कुछ ठोस जवाब देने की बजाय उन्होंने पिल्लै के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें मुंबई हमले के लिए पिल्लै ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को कठघरे में खड़ा किया था।
सिंघवी ने कहा, "गृह सचिव भारत के रुख से जुड़ा बयान दे रहे थे। उन्होंने जो कहा वही भारत सरकार का भी रुख रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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