Bengaluru में बुद्ध पूर्णिमा के दिन नहीं बिकेगा मीट, GBA ने मांस बिक्री पर लगाया प्रतिबंध
Bengaluru Meat Ban on Buddha Purnima 2026: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर 1 मई को पूरे बेंगलुरु में मांस की बिक्री और पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इस निर्देश के तहत, शहर भर के सभी बूचड़खाने, मांस की दुकानें और स्टॉल बंद रहेंगे।
GBA के पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने इस संबंध में एक आधिकारिक परिपत्र जारी किया है, जिसमें निवासियों और व्यापारियों को इस प्रतिबंध के बारे में सूचित किया गया है।

Bengaluru Meat Ban: क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
यह निर्णय शांति, करुणा और अहिंसा से जुड़े बुद्ध पूर्णिमा के मूल्यों का सम्मान करने के लिए लिया गया है। बुद्ध पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञानोदय और महापरिनिर्वाण का पवित्र दिन है, जिन्हें शांति और अहिंसा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पर रोक लगाकर इन उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखा जाता है।
GBA ने मांस बिक्री और पशु वध पर लगाया प्रतिबंध
आदेश के अनुसार, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी बूचड़खाने, दुकानें, बाजार और सड़क किनारे लगने वाले मांस के स्टॉल उस दिन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। यह निर्देश शहर के सभी क्षेत्रों में सख्ती से लागू होगा, जिसमें प्रमुख बाजार और खुदरा मांस की दुकानें शामिल हैं।
क्या हर साल बुद्ध पूर्णिमा पर मांस बिक्री पर लगाया जाता है प्रतिबंध?
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह बुद्ध पूर्णिमा पर हर साल लागू होने वाला एक नियमित उपाय है। इस साल की तरह हर वर्ष इस विशेष पर्व पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंधन रहता है। उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से इन नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन हो।
बेंगलुरू के लोगों से की गई अपील
GBA ने निवासियों को सलाह दी है कि 1 मई को बेंगलुरु में मांस उपलब्ध नहीं होगा, अतः वे अपनी आवश्यक योजनाएं पहले से ही बना लें। प्रशासन ने नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से इस आदेश का सम्मान करने और इस शुभ अवसर की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।












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