वार्ता में गतिरोध के लिए भारत जिम्मेदार : पाक मीडिया

इस्लामाबाद, 16 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तानी मीडिया ने मुंबई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को हुई पहली बड़ी आधिकारिक वार्ता में आए गतिरोध का ठीकरा भारतीय पक्ष पर फोड़ा है।

यहां के लगभग सभी अखबारों ने भारत की आलोचना की है लेकिन सभी के तेवर अलग है। पकिस्तान का प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र 'डॉन' का कहना है कि भारत का रवैया अड़ियल रहा है और विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा की अगुवाई वाला भारतीय प्रतिनिधिमंडल जरा भी लचरता दिखाने को तैयार नहीं था।

अखबार ने अपने मुख्य पृष्ठ पर छपी खबर में कहा है कि विश्वास बहाली के कदमों पर सहमति नहीं बनने के कारण दोनों देशों के बीच बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई।

एक अन्य समाचार पत्र 'द नेशन' के अनुसार भारत वर्ष 2004 में शुरू हुई समग्र वार्ता की उपलब्धियों को खोखला साबित करने के लिए आगे भी पाकिस्तान के साथ बातचीत करता रहेगा।

गौरतलब है कि कृष्णा ने गुरुवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से बातचीत की थी। दोनों नेताओं के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट हो गया कि इस वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

'द न्यूज' में मुख्य पृष्ठ पर छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत के अड़ियल रवैये से राजनयिक हलकों को निराशा हाथ लगी। भारतीय पक्ष पूरी तरह से अडिग रहा और कश्मीर और सियाचीन पर बात करने को तैयार नहीं दिखा।"

अखबार ने अपने संपादकीय में इस वार्ता के कुछ सकारात्मक नतीजों का भी जिक्र किया है। अखबार लिखता है, "इस बातचीत में कुछ भी ठोस नहीं निकला लेकिन एक उम्मीद जरूर है। आगे बातचीत जारी रहेगी जिससे प्रगति की उम्मीद की जा सकती है।"

पाकिस्तान के एक अन्य समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' का कहना है कि वार्ता एक सकारात्मक मोड़ पर खत्म हुई है। परंतु इस अखबार में कृष्णा और कुरैशी की तस्वीरों के नीचे कैम्शन के रूप में लिखा गया है 'टफ टॉक' यानी 'कड़ी वार्ता'।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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