प्रतिबंधों को हटाने का भारत का अमेरिका से आग्रह
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोन्स से मुलाकात की और ओबामा की यात्रा की तैयारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि जोन्स ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की और उन्हें ओबामा के शुभ संदेश से तथा भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के ओबामा प्रशासन के संकल्प से अवगत कराया।
मेनन और जोन्स ने अफगानिस्तान में बदलते सत्ता समीकरण और तेहरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों सहित कई सारे क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। नई दिल्ली को लगता है कि तेहरान पर प्रतिबंध उसकी ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
समझा जा रहा है कि मेनन ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीस अक्टूबर 2008 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के दो वर्षो बाद भी भारत के निजी क्षेत्र व सार्वजनिक क्षेत्र की कई संस्थाएं प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों को सामना कर रही हैं।
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) उन भारतीय संस्थानों में शामिल हैं, जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों की लगातार पीड़ा झेल रहे हैं।
जोन्स ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका तीन प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रहा है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी कानून के दायरे में रास्ते तलाशने हैं।
सूत्रों ने कहा कि ओबामा के दौरे के पहले इस दिशा में कुछ ठोस पहल हो सकती है।
मेनन और जोन्स ने असैन्य परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के लिए जरूरी कदमों पर भी विचार-विमर्श किया। इस दिशा में जोन्स ने असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक को पारित किए जाने की बात दोहराई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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