मुलायम ने मुसलमानों से मांगी माफी, कल्याण ने बताया शिगूफा (लीड-1)
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय से एक बयान जारी करके बिना कल्याण सिंह का नाम लिए कहा था कि मस्जिद गिराने वालों का साथ लेकर उनसे बहुत बड़ी गलती हुई इसके लिए वह मुसलमानों से माफी मांगते हैं।
बयान में उन्होंने कहा, 'गत लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों को केंद्र में सत्तारूढ़ होने से रोकने के लिए मुझे कुछ गलत तत्वों का साथ लेना पड़ा, इससे मुसलमान भाइयों को ठेस पहुंची। अपनी गलती स्वीकर करते हुए मैं सभी लोगों खासकर मुसलमान भाइयों से माफी मांगता हूं। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनके सम्मान की रक्षा पूरी निष्ठा से करता रहूंगा।'
यादव ने जोर देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सांप्रदायिक ताकतों को नाकाम करने का काम किया है। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए वर्ष 1990 में संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए बाबरी मस्जिद को बचाने का काम किया। कल्याण सिंह का नाम लिए बगैर मुलायम ने कहा कि सपा भविष्य में मस्जिद गिराने के जिम्मेदार लोगों का साथ नहीं लेगी।
उधर अलीगढ़ में संवाददाताओं से बातचीत में कल्याण सिंह ने कहा कि धोखा देना मुलायम की फितरत रही है। मुसलमानों को खुश करने के लिए वह जो माफी मांगने का नाटक कर रहे हैं उससे उनका कुछ भला होने वाला नहीं है।
मुलायम को सांप्रदायिक करार देते हुए कल्याण ने कहा कि मुसलमान उनकी धोखेबाजी को पूरी तरह समझ चुके हैं और इसीलिए अब उनसे दूर जा रहे हैं।
कल्याण ने कहा कि पिछले लोक सभा चुनाव में सपा को केवल 11 सीटें मिल रही थी। मेरे साथ आने से 12 सीटें और बढ़ गई। अब अपना काम निकल गया तो मुलायम को लगा कि मेरा वोट बैंक जा रहा है। इसलिए मुसलमानों को खुश करने के एक नया शिगूफा छोड़ दिया।
उधर मुलायम के पूर्व सहयोगी एवं सपा के पूर्व महासचिव आजम खान ने रामपुर में संवाददादाओं से कहा कि यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि कल्याण सिंह से हाथ मिलाने के मसले पर मुलायम सिंह यादव की मुसलमान समुदाय से माफी के बाद मैं सपा में वापस शामिल हो जाऊंगा।
उन्होंने कहा कि सपा में वापस जाने के बारे में मुझ्झे बहुत बार सोचना पड़ेगा। खान ने इस बात से इंकार किया कि उन्हें सपा की तरफ दोबारा पार्टी में शामिल होने का कोई न्योता आया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने लखनऊ में संवाददाताओं को कहा कि मुलायम का नकाब उतर चुका है। जनता को उनका असली चेहरा पता है। जोशी ने मुलायम की माफी मांगने को महज एक वोट बैंक का हथकंडा करार देते हुए कहा कि हमेशा से सपा का दृष्टकोण अवसरवादी रहा है।
उधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की जनता तुष्टीकरणवादी दलों की असलियत जान गई है। जनता इनके झ्झांसे में नहीं आयेगी। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुस्लिम वोट बैंक के लिये कट्टरपंथी तत्वों से ही माफी मांग रहे हैं। उन्हें सिमी जैसे आतंकी संगठन के प्रमुख शाहिद बद्र से मुकदमा उठाने के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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