'योजनाबद्ध हमले का शिकार बना था भारतीय छात्र'
मेलबर्न में 'विक्टोरियन कांउटी कोर्ट' को बताया गया कि अलेक्जेंडर ट्रिफ्यूनोविक और उसके दो साथियों शेन कोमेनसोली और लेनन मेटाक्सस ने 15 अक्टूबर, 2009 को रात करीब 1.30 बजे भारतीय छात्र लकी सिंह पर हमला कर उसके साथ लूटपाट की थी।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि अलेक्जेंडर और उसके दोनों साथ सनशाइन इलाके में उस रात किसी भारतीय को निशाना बनाने के मकसद से एक टेलीफोन बूथ के निकट खड़े थे। उस दौरान लकी सिंह वहां से गुजर रहा था और इन लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
समाचार एजेंसी एएपी के अनुसार अभियोजन पक्ष की वकील अमेलिया मैकने ने अदालत को बताया कि मेटाक्स ने सिंह के मुंह पर घूंसे से वार किया और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद वे लोग इस भारतीय छात्र को पीटते रहे।
लकी सिंह को बुरी तरह पीटने के साथ ही इन लोगों ने अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया जिसमें नस्लवाद की झलक मिलती है। ये लोग सिंह को अचेत हालत में छोड़कर फरार हो गए। बचाव पक्ष के वकील रॉन टेट ने इसे नस्लीय हमला मानने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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