मानसा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 30 गांवों में पानी भरा (राउंडअप)
सिरसा जिले में बचाव का काम सेना की मदद से किया जा रहा है। सिरसा प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि "कई इलाकों में आज (गुरुवार) बाढ़ के पानी में महत्वपूर्ण कमी आई है जिससे हमें उम्मीद है कि कल स्थितियां और बेहतर हो जाएंगी।"
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण सिरसा के नौ गांवों के करीब 14,000 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। उन्होंने कहा, "ज्यादातर घरों में अभी भी तीन से चार फुट पानी भरा हुआ है। हम स्थिति पर बारीकी से निगाह रख रहे हैं।"
मानसा जिले केसार्दूलगढ़ में कम से कम 30 गांवों में पानी भरा है और कई एकड़ कृषि भूमि डूब गई है।
मानसा के उपायुक्त कुमार राहुल ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा, "बाढ़ पर नियंत्रण के लिए हम अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रहे हैं। सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान भी बचाव कार्यो में मदद कर रहे हैं। परंतु पिछले 24 घंटों के दौरान जलस्तर में कोई महत्वपूर्ण गिरावट नहीं आई है और घग्गर नदी अभी भी कुछ इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।"
पिछले कुछ दिनों से आई बाढ़ से पंजाब के पटियाला, संगरूर, मोहाली, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोगा और मानसा जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
राज्य के मुख्य अभियंता (सिंचाई) अमरजीत सिंह दुल्लत ने आईएएनएस से कहा, "पंजाब के अधिकांश बाढ़ग्रस्त जिलों में स्थिति नियंत्रण में है। पिछले 24 घंटे के दौरान किसी भी नहर या नदी में ताजा कटान की सूचना नहीं है।"
राज्य के बाढ़ प्रभावित अन्य जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और फतेहाबाद में भी राहत कार्य जारी हैं।
अपुष्ट खबरों के अनुसार फतेहाबाद जिले में बुधवार को एक व्यक्ति और उसके किशोर भतीजे की पानी में डूबने से मौत हो गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब और हरियाणा में बाढ़ से 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विभिन्न घोषणाएं करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों को दिए गए छोटी अवधि के ऋणों को दीर्घ अवधि वाले ऋणों में परिवर्तित किया जाएगा।
हुड़्डा ने कहा, "बाढ़ प्रभावित छह जिलों अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा और यमुनानगर में 201.21 करोड़ रुपये के छोटी अवधि के ऋणों को लंबी अवधि के ऋणों में तब्दील किया जाएगा।"
हुड्डा ने कहा, "हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को खाद की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य जारी है और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए हर तरह की मदद दी जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications