न्यायालय का मोदी को राहत देने से इंकार (लीड-1)
मोदी के वकील मोहम्मद आबदी ने कहा कि न्यायालय ने हालांकि कहा कि 'बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति को मोदी की शिकायत को ध्यान में रखना चाहिए।'
आबदी ने जोर देकर कहा कि न्यायालय ने मोदी की याचिका खारिज नहीं की है, बल्कि उसने इस संबंध में मोदी को किसी प्रकार की राहत देने से इंकार किया है। आबदी ने कहा, "न्यायालय ने कहा इस संबंध में वह मोदी की कोई मदद नहीं कर सकता। इस संबंध में हमें न्यायालय के आदेश की लिखित प्रति का इंतजार है। इसके बाद ही हम अगला कदम उठाएंगे।"
मोदी ने 8 जुलाई को खुद को निलंबित किए जाने संबंधी बीसीसीआई के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी थी। अपनी याचिका के माध्यम से मोदी ने अपने खिलाफ बीसीसीआई की कार्रवाई प्रक्रिया को भी खत्म किए जाने का अनुरोध किया था।
मोदी ने न्यायालय से यह भी अनुरोध किया था कि उन्होंने बीसीसीआई को तीन कारण बताओ नोटिसों का जो जवाब दिया है, उस पर नजर रखने के लिए एक ऐसे पैनल का गठन किया जाए, जो सर्वमान्य हो।
बीसीसीआई ने मोदी को 25 अप्रैल को पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितिता के आरोप लगाकर निलंबित किया था। इसके बाद उनके नाम 26 अप्रैल, छह मई और 31 मई को तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
बहरहाल, मोदी को बीसीसीआई की तीन सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति के सामने शुक्रवार को पेश होना है लेकिन वह अभी विदेश दौरे पर हैं। ऐसी स्थिति में उनका शुक्रवार को 12.00 बजे तक स्वदेश लौटना असंभव दिख रहा है।
बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी से जब यह पूछा गया कि तीन सदस्यीय समिति के सामने मोदी की जगह कौन पेश होगा, तब उन्होंने कहा, " मोदी को व्यक्तिगत रूप से अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देना होगा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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