एसबीआई और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के विलय को मंजूरी
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (सहयोगी बैंक) अधिनियम 1959 में संशोधन के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा जिसके जरिए स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के संदर्भो को हटा दिया जाएगा।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक एसबीआई द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के इस अधिग्रहण से दोनों बैंकों को मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों के बेहतर संचालन में मदद मिलेगी।
बयान में कहा गया कि एक ही ब्रांड नाम वाले एक ही समूह के दो बैंक एसबीआई और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर को ज्यादातर इलाकों में आपस में ही प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी। इस प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह रोककर व्यवसाय का बेहतर विकास किया जाएगा।"
एसबीआई को उम्मीद है कि इस विलय के बाद वह दोनों बैंकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पाएगा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से बाहर भी स्टेट बैंक ऑफ इंदौर की 83 शाखाएं हैं।
इस विलय से पहले 2008 में एसबीआई समूह के एक अन्य बैंक स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का एसबीआई में विलय किया गया था।
इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला भी एसबीआई के सहयोगी बैंक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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