देवनागरी लिपि से लाभदायक स्थिति में था : उदयकुमार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को एक बैठक में कुमार के बनाए रुपये के प्रतीक चिह्न् को मंजूरी दी।
आईआईटी से परास्नातक कुमार ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं। अपनी खुशी मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता।"
भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये के प्रतीक चिह्न् के डिजाइन के लिए 2.5 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।
अंतिम सूची में शामिल किए जाने के बाद कुमार ने अन्य लोगों के साथ दिसंबर 2009 को अपनी डिजाइन के बारे में प्रस्तुति दी थी।
कुमार ने कहा, "उनमें से अधिकांश विचार के स्तर पर समान थे। मेरे विचार से भारतीय लिपि का उपयोग करने के कारण मैं लाभ की स्थिति में था।"
उन्होंने कहा, "केवल देवनागरी लिपि में ही ऊपर रेखा होती है। मैंने एक अन्य समानांतर रेखा खींच दी.. और हमें एक तिरंगा मिल गया।"
शुक्रवार को गुवाहाटी आईआईटी में सहायक प्रोफेसर का पद ग्रहण करने जा रहे कुमार ने कहा, "मैं चाहता था कि झंडा ऊपर हो, प्रतीक चिह्न् में उसका प्रतिनिधित्व हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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