अब दिग्विजय ने गडकरी से पूछी वल्दियत (लीड-1)
इंदौर प्रेस क्लब में गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए दिग्विजय ने कहा, "गडकरी ने मेरी वल्दियत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मैं शिवाजी की औलाद हूं या औरंगजेब की। मैं तो बलभद्र सिंह की औलाद हूं। मैं गडकरी से पूछना चाहता हूं कि वह बताएं कि वह महाराणा प्रताप या शिवाजी की औलाद हैं। मैं औरंगजेब का नाम नहीं ले रहा हूं।"
दिग्विजय ने इस अवसर पर यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग बम बनाते हैं और यह बात प्रमाणित भी हो चुकी है। नांदेड में बम के साथ चार लोगों का पकड़ा जाना, नीमच में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता की बम धमाके में मौत और कानपुर में आरएसएस से जुड़े दो कार्यकर्ताओं की मौत से यह स्पष्ट हो चुका है कि आरएसएस से जुड़े लोग बम बनाते हैं। उसकी परतें अब खुलती जा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह तो शुरू से कहते आए हैं कि सिमी के साथ बजरंग दल पर भी नजर रखे जाने की जरूरत है। यह दोनों संगठन मालवा अंचल में सक्रिय रहे हैं। समझौता एक्सप्रेस धमाके और अजमेर शरीफ में हुए विस्फोट के भी तार मालवा अंचल से जुड़े हैं। यह बात प्रमाणित हो चुकी है।
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि जब भी भाजपा संकट में होती है तभी धमाके क्यों होते है, इस बात की जांच होनी चाहिए। 2009 के बाद जितने भी धमाके हुए हैं उन सभी की जांच होनी चाहिए।
उमा भारती के भाजपा में प्रवेश से पहले ही प्रदेश सरकार के मंत्रियों के बीच उठे विवाद पर दिग्विजय ने चुटकी लेते हुए कहा कि मंत्रियों के बीच विवाद की वजह उमा भारती नहीं बल्कि लूट के माल का बंटवारा है। हकीकत में प्रदेश सरकार चोरों की है, जिसके सरदार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं।
उन्होंने शिवराज सिंह को कागजी शेर करार दिया जो सबको सबक सिखाने की बात तो कहते हैं मगर कार्रवाई नहीं कर पाते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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