रुपये के प्रतीक चिह्न् के व्यापक उपयोग में 2 वर्ष लगेंगे (लीड-1)
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को भारतीय रुपये के नए प्रतीक चिह्न् को मंजूरी दे दी। देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करने के साथ ही इससे भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया जिनकी मुद्राओं के विशिष्ट प्रतीक चिह्न् हैं।
मंत्रिमंडल ने देवनागरी 'र' और रोमन लिपि के बिना खड़ी पाई वाले कैपिटल 'आर' के मिश्रण और उसके ऊपर दो समानांतर दो रेखाओं वाले प्रतीक चिह्न् को मंजूरी दी।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद फैसले की घोषणा करते हुए कहा, "यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करता है।"
प्रतीक चिह्न् मिलने के बाद रुपया भी अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, यूरोपीय यूरो और जापान की येन की श्रेणी में आ गया है, जिनके प्रतीक चिह्न् हैं।
सोनी ने कहा कि प्रतीक चिह्नें को लेकर प्राप्त प्रविष्टियों की अंतिम सूची में पांच प्रविष्टियां थीं। इनमें से मंत्रिमंडल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के परास्नातक डी.उदयकुमार द्वारा डिजाइन किए गए प्रतीक चिह्न् को मंजूरी दी।
रुपये का प्रतीक चिह्न् भारतीय मुद्रा को पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और इंडोनेशिया जैसे देशों की मुद्राओं से अलग करेगा। इन देशों की मुद्राओं के नाम भी रुपया या रुपिया हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने बजट भाषण में कहा था कि रुपये का निशान भारतीय परंपरा और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा।
बहरहाल देश में प्रतीक चिह्न् के उपयोग में कम से कम एक वर्ष और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय होने में दो वर्ष लगेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता और आसानी से इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट माध्यम में उपयोग के लिए नए निशान को अंतर्राष्ट्रीय यूनिकोड संघ द्वारा स्वीकार किया जाता है। यह समिति यूनिकोड मानक के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
नए प्रतीक चिह्न को डिजाइन करते समय इस बात को ध्यान में रखा गया कि उपलब्ध सॉफ्टवेयर व्यवस्था में यह आसानी से उपयोग किया जा सके।
देश में कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियों के कीबोर्ड पर भी इस प्रतीक को स्थान मिलेगा। नैस्काम भी आईटी कंपनियों से अपने संचालित सॉफ्टवेयर में इसे शामिल करने के लिए कहेगा। इससे कीबोर्ड पर नहीं होने के बावजूद यूरो की तरह पूरी दुनिया के कंप्यूटरों पर इसका उपयोग हो सकेगा।
राज्य सरकारों से भी इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कहा जाएगा।
प्रतीक चिह्न् का डिजाइन आईआईटी गुवाहाटी के डिजाइन विभाग के डी.उदयकुमार ने बनाया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय राष्ट्रध्वज पर आधारित है।
कुमार ने कहा, "मेरा डिजाइन तिरंगे पर आधारित है। इसमें शीर्ष पर दो रेखाएं और बीच में सफेद स्थान है। मैं चाहता था कि रुपये का प्रतीक भारतीय झंडे का प्रतिनिधित्व करे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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