चिदंबरम की आलोचना करने का खेद नहीं : दिग्विजय
जार्ज जोसेफ
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि नक्सली समस्या को केवल कानून व व्यवस्था का मामला मानकर उनके खिलाफ चलाई जा रही केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की रणनीति की सार्वजनिक आलोचना करने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिक्रिया देने से पहले उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को अपनी भावना से अवगत करा दिया था।
दिग्विजय ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "चिदंबरम की आलोचना वाला लेख मैंने इसलिए इसलिए लिखा क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों को मैं समझता हूं और उनकी समस्याओं को महसूस करता हूं।"
उन्होंने कहा, "आप तब तक जमीनी स्थिति सुधार नहीं सकते जब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का दिल न जीत लें। बंदूक से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। हमें इनका दिल जीतना होगा और उन पर अतिवादियों के प्रभाव को कम करना होगा।"
ज्ञात हो कि गत 14 अप्रैल को इकोनॉमिक टाइम्स में छपे एक लेख के माध्यम से दिग्विजय ने चिदंबरम की नक्सल नीति की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा था, "दिग्विजय को पार्टी मंच पर अपना यह विचार रखना चाहिए था।"
दिग्विजय ने कहा, "मैंने पहले भी पार्टी मंच पर आलाकमान के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था।"
उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे कांग्रेस शासित राज्य नक्सल समस्या को हल करने में अन्य दलों की सरकारों के मुकाबले अत्यधिक सफल रहे हैं।"
उनके मुताबिक छत्तीसगढ़ में स्थिति इसलिए भयवाह हो गई है क्योंकि वहां की सरकार की नीतियां ही गलत है। इसके अलावा झारखण्ड व उड़ीसा में स्थिति गंभीर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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