बीपी ने तेल कुएं के नए कैप का परीक्षण किया
सुरक्षा चिंताओं के चलते इस परीक्षण को 24 घंटे तक टालने के बाद अमेरिकी सरकार ने बीपी द्वारा अतिरिक्त उपाय किए जाने के आश्वासन के बाद ही इस परीक्षण अनुमति दी है।
करीब 48 घंटे तक चलने वाले इस परीक्षण में इस बात का पता लगाया जाएगा कि सोमवार को गहरे समुद्र में तेल कुएं के मुहाने पर लगाया गया नया कैप ठीक तरह से फिट हुआ है या नहीं।
इस परीक्षण के तहत बीपी ने बुधवार शाम को इस कैप को भरकर उसके ऊपर के दूसरे वाल्वों को धीरे-धीरे बंद करना शुरू किया गया है जिससे कैप में भर रहे तेल को दबाव डालकर वापस कुएं में पहुंचाया जाए। बीपी इस दबाव का लगातार निरीक्षण कर रही है। इस परीक्षण के दौरान यदि तेल का दबाव कैप पर लगातार बना रहता है तो इसका मतलब होगा कि तेल रिसाव पूरी तरह से रोक लिया गया है लेकिन यदि दबाव धीरे-धीरे कम होता है तो इसका अर्थ होगा कि तेल कहीं और जगह से रिस रहा है।
अमेरिकी तटरक्षक बल के एडमिरल थाड एलन ने कहा कि इस प्रक्रिया में देर किए जाने का कारण इस बात की आशंका थी कि कैप पर दबाव बनाए जाने से उसके निचले हिस्से से तेल का रिसाव बढ़ सकता है। इंजीनियरों को आशंका थी कि कैप पर दबाव डालने से कुएं के किनारे और क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
सरकार की ओर से तेल रिसाव रोकने के काम का नियंत्रण कर रहे ऐलन ने कहा, "यह काफी महत्वपूर्ण घटनाक्रम है और इस परीक्षण भी काफी महत्वपूर्ण है। इंजीनियरों का कहना था कि यदि तेल का दबाव कम है तो इसका मतलब है कि तेल कहीं और से बह रहा है।"
बीपी ने कहा कि यदि यह परीक्षण सफल रहता है तो वह तेल कुएं के ऊपर लगाए गए 5.5 मीटर और 68 टन वजन वाले सिलेंडर की मदद से कुल अनुमानित 30 हजार से 60 हजार बैरल प्रतिदिन के तेल रिसाव को रोकने में सक्षम रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications