प्रेमिका ने प्रेमी संग की मंगेतर की हत्या
साल 2003 में इंटेल में इंजीनियर गिरीश की उस वक्त कुछ अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी जब वो अपनी मंगेतर के साथ रात को मोटरसाइकिल से वापस आ रहा था। गिरीश की हत्या से चार दिन पहले ही शुभा और गिरीश की सगाई हुई थी। गिरीश और शुभा दोनों बेंगलुरू के बनशंकरी में एक दूसरे के पड़ोसी थे।
दोनों 15 साल से एक दूसरे को जानते थे और 30, नवंबर 2003 को दोनों की सगाई हुई थी। शुभा उस वक्त बेंगलुरू के ही बीएमएस कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रही थी। उसके अपने ही कॉलेज के एक छात्र अरुण वर्मा से प्रेम संबंध था। शुभा और अरूण के प्रेम संबंधों की खबर लगने के बाद शुभा के घरवालों ने शुभा की मर्जी के बिना गिरीश से उसकी शादी तय कर दी और इसी कारण शुभा और अरूण ने गिरीश की हत्या की साजिश रच डाली।
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सगाई के चार दिन बाद 3 दिसंबर 2003 को शुभा ने गिरीश को अपने साथ बाहर खाने पर बुलाया और जब वो लोग वापस लौट रहे थे तो शुभा ने रिंग रोड पर फ्लाइट देखने का झांसा देकर गिरीश को बाइक रोकने को कहा। वहीं पर उन लोगों का पहले से इंतजार कर रहे अरुण और एक भाड़े के हत्यारे वेंकटेश ने पीछे से गिरीश के सिर पर वार किया जिससे गिरीश की मौत हो गई। पुलिस ने शुभा के मोबाइल फॉन डिटेलस के जरिए इस केस में शुभा और उसके प्रेमी अरूण के शामिल होने का पता लगाया।













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