पंजाब में बाढ़ राहत कार्य जारी
मानसा के उपायुक्त कुमार राहुल ने आईएएनएस को बताया, "सार्दुलगढ़ इलाके में बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और यहां के ज्यादातर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। स्थिति पर नियंत्रण के लिए हम दिन-रात लगे हुए हैं और निचले इलाकों को बाढ़ से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।"
नागरिक अधिकारियों के अलावा सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान भी राहत अभियान में मदद कर रहे हैं।
राहुल ने बताया, "करीब 200 मकान और करीब 5,000 एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हो गई है। बाढ़ पीड़ितों को खाने के डिब्बे और पानी पहुंचाने के लिए हमने सभी प्रबंध किए हैं। मानसा में बाढ़ के चलते अब तक किसी की मौत होने की सूचना नहीं है।"
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पटियाला, संगरूर, मोहाली, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोगा और मानसा जिलों में करीब 271,784 एकड़ की फसल नष्ट हो चुकी है।
पड़ोसी राज्य हरियाणा के सिरसा जिले में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर है।
सिरसा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया, "घग्गर नदी के तटबंधों की दरारों को भरने के काम में सैन्यकर्मी लगे हुए हैं। इन्हीं तटबंधों में दरार के कारण इन इलाकों को बाढ़ के कहर से जूझना पड़ रहा है। 10,000 एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य भूमि में तीन से चार फुट तक पानी भरा है और बाढ़ से करीब एक दर्जन गांव प्रभावित है। हमें उम्मीद है कि शाम तक स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।"
पिछले कुछ दिनों के दौरान बाढ़ से अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा और फतेहगढ़ जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
पंजाब और हरियाणा में बाढ़ के चलते 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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