'लिंगाराम के खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं'
नई दिल्ली/रायपुर, 14 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ पुलिस मंगलवार को भी इस बात की छानबीन में जुटी रही कि क्या लिंगाराम कोडोपी आठ जुलाई को एक कांग्रेसी नेता के आवास पर हुए नक्सली हमले में शामिल था या नहीं। दूसरी ओर लिंगाराम के वकील ने कहा कि पुलिस के पास उसके दावे के पक्ष में कोई सबूत नहीं है।
कोडोपी के वकील प्रशांत भूषण ने आईएएनएस को नई दिल्ली में बताया, "छत्तीसगढ़ से उसे गिरफ्तार करने के लिए कोई नहीं आया है।" इसके दो दिन पहले बस्तर क्षेत्र में कांग्रेसी नेता, अवधेश सिंह गौतम के घर पर किए गए हमले के लिए छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में दो लोग मारे गए थे।
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि कोडोपी ने हमले की साजिश रची थी। कोडोपी नई दिल्ली में एक मीडिया स्कूल में अध्ययन कर रहा है।
पुलिस कोडोपी को गिरफ्तार करने से पहले अभी भी स्वतंत्र सबूत की तलाश में जुटी हुई है। छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रमुख विश्व रंजन ने कहा कि संदिग्धों की गिरफ्तारी के आधार पर कोडोपी का नाम साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है।
रंजन ने आईएएनएस को बताया, "हम लिंगाराम को तभी गिरफ्तार करेंगे या उससे पूछताछ करेंगे, जब स्वतंत्र माध्यमों से उसकी संलिप्तता की पुष्टि हो जाएगी। छत्तीसगढ़ पुलिस गिरफ्तार छह आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी का सत्यापन कर रही है।"
अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि पुलिस के पास कोडोपी के खिलाफ सबूत होता तो वह उसकी गिरफ्तारी के लिए इतना इंतजार नहीं करती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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