कृष्णा पाकिस्तान में, 'नई यात्रा' की शुरुआत के संकेत (राउंडअप)
इस्लामाबाद, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधरने की उम्मीद लेकर विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा बुधवार को इस्लामाबाद पहुंचे। उनकी इस यात्रा को 'नई यात्रा' की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने भरोसा जताया है कि संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली की स्वीकारोक्तियों पर इस्लामाबाद उचित कार्रवाई करेगा।
अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ गुरुवार को शुरू होने वाली औपचारिक वार्ता से ठीक एक दिन पहले कृष्णा ने भारतीय पत्रकारों से कहा, "कश्मीर घाटी में हिंसा के दौरान 15 लोगों की हुई मौत 'भारत का आंतरिक मामला' है।"
कृष्णा ने उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका की मांग को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान हेडली की स्वीकारोक्ति पर कार्रवाई करेगा क्योंकि मुंबई हमले में हेडली के शामिल होने के बारे में अकाट्य सबूत पेश किए गए हैं। नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए हमले में 166 भारतीय और कई विदेशियों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान में जन्मे और अमेरिकी जेल में बंद हेडली ने स्वीकार किया है कि उसने हाफिज सईद के लिए मुंबई के उन स्थलों की पहचान की जहां लश्कर के आतंकवादी हमला कर सकते थे।
कृष्णा ने कहा, "भारत हेडली के इकबालिया बयान पर कुछ प्रतिक्रिया की उम्मीद करता है। मैं यहां यह पता लगाने के लिए हूं कि वह प्रतिक्रिया क्या है।"
उन्होंने तत्काल कहा, "हमें पाकिस्तान से संतोषजनक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।"
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई पर नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के सूत्रधार व लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के भारत विरोधी बयानों से दोनों देशों के संबंधों को सुधारने में कोई मदद नहीं मिलेगी।
कृष्णा ने यह भी कहा कि सईद लगातार भारत विरोधी बयान और भाषण देकर पाकिस्तान के लोगों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है। भारत के खिलाफ ऐसी प्रवृत्ति हमारे संबंधों को बेहतर बनाने में मदद नहीं करेगी।
कृष्णा ने अपनी यात्रा को अहम बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच संबंधों की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के लोगों के लिए मैं भारतीय जनता की शुभकामनाएं लाया हूं। एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर पाकिस्तान के लिए मैं शुभकामनाएं लाया हूं।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और अन्य नेताओं से वार्ता के दौरान "हम आपसी हितों और चिंताओं से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।"
कृष्णा ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम द्वारा जून में पाकिस्तान यात्रा के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों और हेडली से पूछताछ के संदर्भ में आतंकवाद की मूल चिंता पर चर्चा के इच्छुक हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत सभी मुद्दों को पाकिस्तान के साथ आपसी विश्वास के साथ हल करने का इच्छुक है।
कृष्णा के साथ विदेश सचिव निरुपमा राव और विदेश मंत्रालय के अन्य शीर्ष अधिकारी भी हैं। कृष्णा का प्रमुख कार्यक्रम पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ गुरुवार को व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करना है।
कुरैशी के अलावा कृष्णा प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और सेना प्रमुख जनरल परवेज अशफाक कयानी से भी मिलेंगे, जिनको आम तौर पर पाकिस्तान की सत्ता का वास्तविक केंद्र माना जाता है।
भारतीय अधिकारियों का मानना है कि इस समय यदि विवादास्पद मुद्दों को एक तरफ रख दिया जाए तो संबंधों में काफी अधिक प्रगति की जा सकती है।
भरोसा बहाली के उपाय मूल रूप से दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाने के इर्द गिर्द घूमते हैं। इनमें वीजा नियमों को आसान बनाना, व्यापार बढ़ाना विशेषकर कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच, सीमा-पार के लिए अधिक बसें एवं रेलगाड़ियां चलाना तथा कैदियों विशेषकर समुद्रों में पकड़े गए मछुआरों का आदान-प्रदान शामिल है।
शाह महमूद कुरैशी की इस टिप्पणी पर कि कश्मीर में मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है, प्रतिक्रिया जताते हुए कृष्णा ने कहा, "भारत का हमेशा से ही मत रहा है कि कश्मीर में जो भी हो रहा है, वह भारत का आंतरिक मामला है।"
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में 11 जून से हो रहे प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की गोलियों से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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