शोभराज की किस्मत का फैसला 30 जुलाई तक टला
काठमांडू। कई संगीन हत्याओं के आरोपी चार्ल्स शोभराज के खिलाफ नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को हत्या के एक मामले में अंतिम फैसला टाल दिया। मामले की सुनवाई कर रही दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष और शोभराज के वकील की दलीलों की पूरी पड़ताल नहीं की जा सकी है। अदालत, शोभराज को वर्ष 2004 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
न्यायमूर्ति राम प्रसाद शाह और गौरी धकाल ने कहा कि उन्हें दोनों पक्षों की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों की जांच के लिए और समय चाहिए। इसके साथ ही न्यायाधीशों ने फैसला 30 जुलाई तक स्थगित कर दिया। यह तीसरी बार है जब नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला टाल दिया है। वर्ष 1975 में एक अमेरिकी पर्यटक कोनी जो ब्रोंजिक की हत्या के मामले में शोभराज को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। वह बीते सात वर्षो से जेल से बाहर आने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
शोभराज के काठमांडू में विस्तारित परिवार को उम्मीद थी कि अदालत अपना अंतिम फैसला सुना देगा। शोभराज की मंगेतर निहिता बिस्वास ने कहा, "अब न्यायाधीशों के लिए ऐसी कोई कमी नहीं छोड़ी गई है कि वे मामले को निचली अदालत को स्थानांतरित कर दें और न तो दोष साबित करने के लिए उनके पास कोई सबूत ही है।"













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