क्लोरीन रिसाव : 60 बीमार, 7 की हालत नाजुक (लीड-3)
अधिकारियों के अनुसार सात लोगों की हालत नाजुक है और यहां मौजूद करीब 500 लोगों को इलाके से बाहर ले जाया गया है।
सर जे. जे. अस्पताल के डीन टी.पी. लाहाणे ने आईएएनएस को बताया, "सात लोगों की हालत नाजुक है जबकि बाकी लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी मामूली समस्याएं हैं। अब तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है।"
अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गैस का रिसाव तड़के लगभग चार बजे महसूस किया गया। इसकी चपेट में आने वालों की आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी की शिकायत पाई गई।
घटनास्थल के निकट एल.बी.एस. कॉलेज भी है। इस वजह से इसकी चपेट में छात्र भी आ गए।
एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती कदम के रूप में गैस के सिलिंडरों पर पानी की बौछार की गई। इस स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया है।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने यहां मौजूद करीब 500 लोगों को इलाके को खाली करने का आदेश जारी किया है।
सर जे. जे. अस्पताल में भर्ती 14 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दे दी गई। बाकी लोगों में ज्यादातर की हालत स्थिर है।
एमपीटी के अधिकारियों ने बताया कि कुछ पुराने गैस सिलेंडरों से ये गैस लीक हुई है जिन्हें कस्टम के अधिकारियों ने जब्त कर लिया था।
गैस के प्रभाव को बेअसर करने के लिए अधिकारी कास्टिक सोडा हासिल करने में जुटे हैं। गैस लीक से उत्पन्न स्थिति पर राज्य प्रशासन नजर बनाए हुए है क्योंकि यह घटना दक्षिण मुंबई के उच्च सुरक्षा वाले बंदरगाह के क्षेत्र में हुई है।
उधर, केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय ने मुंबई में सिलिंडरों से क्लोरीन गैस के रिसाव की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, "मुंबई पोर्ट ट्रस्ट परिसर के हे बुंदर क्षेत्र में रखे सिलिंडरों से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। उस क्षेत्र में सिलिंडर रखे जाना इस बात का संकेत है कि पिछले कुछ दिनों से वहां खतरनाक वस्तुएं रखी हुई थीं।" मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बुधवार तड़के 3.30 बजे क्लोरीन गैस के रिसाव से नजदीक के लाल बहादुर शास्त्री सामुद्रिक संस्थान एवं शिवड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के लगभग 59 लोग प्रभावित हुए हैं।
बयान में कहा गया है, "सभी 60 लोगों को वहां से बाहर निकाला गया है और उन्हें मुंबई के तीन अस्पतालों- पोर्ट ट्रस्ट अस्पताल, जे.जे. अस्पताल एवं के.एम.ई. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज किया जा रहा है।"
मंत्रालय के अनुसार, "भर्ती किए गए लोगों में से सात को गहन चिकितसा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है। उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष से हुई बातचीत के मुताबिक अब तक किसी के मरने की सूचना नहीं है।"
बयान के मुताबिक, "मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के रिकार्ड के अनुसार ये सिलिंडर खाली थे। ट्रस्ट यह पता लगाने के लिए रिकार्डो की जांच कर रहा कि बीते दिनों खतरनाक वस्तुओं के निस्तारण के लिए कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं।"
मंत्रालय ने कहा है, "इस समय स्थिति नियंत्रण में है और ट्रस्ट के उपाध्यक्ष, यातायात प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। वहां राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications