खरलांजी नरसंहार पर फैसले से दलित नेता नाराज
बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि अदालत ने पीड़ितों के प्रति क्रूरतापूर्ण अपराध को भी स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, "हम महाराष्ट्र सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र ही एक अपील दायर करने का आग्रह करेंगे।"
उच्च न्यायालय ने छह दोषियों की सजा को 25 वर्ष के आजीवन कारावास में बदल दिया।
पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष जोगेंद्र कावडे ने फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा यह निर्णय सरकार की विफलता है। इससे दलितों पर अत्याचारों को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य की पूर्व मंत्री और दलित नेता सुरेखा कुम्भहरे ने कहा कि वह मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और गृह मंत्री आर.आर.पाटील से मिलकर फैसले की समीक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठाने को कहेंगी।
उन्होंने कहा, "फैसले से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। हम फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यदि फैसला नहीं बदला तो हम आंदोलन करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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