ब्रह्मपुत्र पर बड़े बांधों के खिलाफ मेधा पाटकर
मेधा पाटकर यहां बांध विरोधी एक विशाल रैली को संबोधित करने आई थीं। उन्होंने कहा, "यदि इन बांधों का निर्माण जारी रहा तो असम और पूर्वोत्तर के लोग विद्रोह के लिए मजबूर होंगे। बांध के निर्माण से ब्रह्मपुत्र मर जाएगी और इस इलाके के लोग भी मर जाएंगे, लिहाजा हम इस तरह की परियोजनओं को कभी भी आगे नहीं बढ़ने देंगे।"
इस रैली का आयोजन किसान नेता अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली, कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) की ओर से किया गया था।
पाटकर ने कहा, "असम सरकार जन विरोधी है, क्योंकि यह जनभावनाओं को तथा विशेषज्ञों की उस रिपोर्ट को दरकिनार कर बांध का निर्माण करा रही है, जिसमें इस तरह की परियोजनाओं के प्रतिकूल प्रभाव को रेखांकित किया गया है।"
यह रैली धेमाजी जिले के गेरुकामुख में राष्ट्रीय जल विद्युत निगम द्वारा निर्मित किए जा रहे निचली सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना के विरोध में आयोजित की गई थी।
इस परियोजना से 2,000 मेगावाट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। पाटकर ने कहा, "लोगों की कीमत पर हमें बिजली नहीं चाहिए।" रैली में पांच हजार से अधिक लोग उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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