आशंकाओं और उम्मीदों के साथ कृष्णा पाकिस्तान पहुंचे (लीड-1)
इस्लामाबाद, 14 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई पर वर्ष 2008 के आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद को पुन: शुरू करने के उद्देश्य से विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा बुधवार को इस्लामाबाद पहुंचे।
कृष्णा आपसी भरोसे में कमी को दूर करने के साथ सावधानी से आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। एयर इंडिया के विशेष विमान से तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे विदेश मंत्री पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे।
उनके साथ विदेश सचिव निरुपमा राव और विदेश मंत्रालय के अन्य शीर्ष अधिकारी भी हैं।
कृष्णा का प्रमुख कार्यक्रम पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ गुरुवार को व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करना है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने आपसी तनाव को कम करने के लिए इस प्रकार की बैठकों का फैसला किया था।
सार्वजनिक तौर पर दोनों देश वार्ता को लेकर आशावादी हैं।
कृष्णा के दौरे का स्वागत करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा था, "स्थगित वार्ता को बहाल करने की इच्छा दोनों देशों के लिए लाभदायक है क्योंकि पूरे क्षेत्र में विकास और समृद्धि को बढ़ाने के लिए शांति और स्थिरता ही एकमात्र रास्ता है।"
कुरैशी के अलावा कृष्णा प्रधानमंत्री गिलानी और सेना प्रमुख जनरल परवेज अशफाक कयानी से भी मिलेंगे, जिनको आम तौर पर पाकिस्तान की सत्ता का वास्तविक केंद्र माना जाता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कृष्णा और मंत्रिमंडल के विशिष्ट सदस्यों-केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम और रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी से मुलाकात कर पाकिस्तान को दिए जा सकने वाले प्रस्ताव पर विचार किया था।
भारतीय अधिकारियों का मानना है कि इस समय यदि विवादास्पद मुद्दों को एक तरफ रख दिया जाए तो संबंधों में काफी अधिक प्रगति की जा सकती है।
भरोसा बहाली के उपाय मूल रूप से दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाने के इर्द गिर्द घूमते हैं। इनमें वीजा नियमों को आसान बनाना, व्यापार बढ़ाना विशेषकर कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच, सीमा-पार के लिए अधिक बसें एवं रेलगाड़ियां चलाना तथा कैदियों विशेषकर समुद्रों में पकड़े गए मछुआरों का आदान-प्रदान शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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