हिंद महासागर में बढ़ते जलस्तर से भारत में बाढ़ का खतरा
वाशिंगटन, 14 जुलाई (आईएएनएस)। हिंद महासागर में बढ़ते जलस्तर के कारण मानसून के दौरान भारत और बांग्लादेश में बाढ़ की खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है।
अमेरिका के बोल्डर के कोलोरेडो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वीकिंग हान द्वारा किए गए एक अध्ययन में ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ने में मानव के योगदान को जिम्मेदार ठहराया गया है। ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव के चलते समुद्रों का जलस्तर बढ़ रहा है।
हिंद महासागर के जिन हिस्सों के जलस्तर में वृद्धि हुई है उनमें बंगाल की खाड़ी, अरब सागर, श्रीलंका के नजदीक का क्षेत्र शामिल है।
समुद्र में बढ़ते जलस्तर में हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच बनते उष्णकटिबंधीय समुद्रों के बड़े से बाथटब के आकार के गर्म पूल का विशेष योगदान है। यह पूल अफ्रीका के पूर्वी तट से प्रशांत महासागर की 'इंटरनेशनल डेट लाइन' तक फैला हुआ है।
कोलोरेडो विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए वक्तव्य के मुताबिक हान कहते हैं कि यह गर्म पूल पिछले 50 सालों से एक डिग्री फैरनहाइट या 0.5 डिग्री सेल्सियस पर गर्म हो रहा है और ग्रीनहाउस गैंसों के चलते ऐसा हो रहा है।
अध्ययन में कहा गया है कि उत्तरी हिंद महासागर के तट के निकट प्रत्येक दशक में समुद्र के जलस्तर में औसतन 0.5 इंच या 13 मिलीमीटर की दर से वृद्धि हो रही है।
हिंद महासागर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है और पृथ्वी के पृष्ठ पर मौजूद जल का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी से बनता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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