बिहार बंद : मिला-जुला असर, 11,000 से अधिक हिरासत में (लीड-2)
पटना, 10 जुलाई (आईएएनएस)। महंगाई तथा पेट्रोलियम पदार्थो की बढ़ी कीमतों के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) द्वारा शनिवार को आयोजित बिहार बंद का मिला-जुला असर देखा गया। इस दौरान पूरे राज्य में 11 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों में बंद समर्थक सुबह से ही सड़कों पर नजर आने लगे थे। बंद समर्थकों द्वारा पटना सहित छपरा, बक्सर, हाजीपुर और जहानाबाद में रेल मार्ग बाधित किया गया।
पटना, छपरा, बक्सर सहित राज्य के कई इलाकों में बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी की। इस दौरान बंद समर्थकों ने राहगीरों और वाहन चालकों से मारपीट भी की।
नालंदा में राजद और लोजपा के कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी जुलूस निकाला तो दानापुर में जानवरों के साथ बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया। हाजीपुर में रेलवे पटरी पर बंद समर्थकों ने आगजनी की।
बंद के दौरान सड़क पर लोग कम निकले। पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यवसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद थे तथा सरकारी कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति कम थी। बंद के कारण पटना के सभी निजी विद्यालय बंद थे। छपरा, बांका, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और मुंगेर में भी बंद का असर देखा गया। आवागमन ठप होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर, बंद के दौरान राज्य भर में 11 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया के बंद के दौरान पूरे राज्य में 11,317 लोगों को हिरासत में लिया गया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
हिरासत में लिए गए लोगों में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान, पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह सहित कई नेता शामिल थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बंद को पूरी तरह असफल बताया। पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब सभी दल इस मुद्दे को लेकर 'भारत बंद' करवा चुके हैं तो अब इस बंद का कोई महत्व नहीं रह जाता है। उन्होंने दोनों दलों पर चुटकी लेते हुए कहा कि 'कानी गया के अलगे बथान'।
उन्होंने राजद-लोजपा के बिहार बंद को असफल करार देते हुए कहा कि जिस तरह बंद के नाम पर ट्रेन को रोका गया वह शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि दोनों दल के अध्यक्ष रेल मंत्री रह चुके हैं उन्हें यह सब मालूम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद के कारण हजारों यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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