सम्मान के नाम पर हत्या के खिलाफ कानून बनाने की मांग
करात ने प्रधानमंत्री को शुक्रवार को लिखे एक खत में कहा है कि सरकार को अलग कानून बनाने का फैसला करना चाहिए और इसका मसौदा मानसून सत्र में संसद में पेश करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामले को मंत्री समूह के हवाले किए जाने का मतलब इसमें देरी करना है। ज्ञात हो कि सरकार ने गुरुवार को सम्मान के नाम पर की जाने वाली हत्याओं से संबंधित कानूनों में बदलाव के लिए मंत्री समूह गठित करने का निर्णय लिया था।
करात ने कहा, "अलग से कानून बनाने के लिए सरकार को दृढ़ निर्णय लेना पड़ेगा। इसका मसौदा संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाना चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि नौ अप्रैल और 30 जून के बीच सम्मान के नाम पर होने वाली हत्याओं के लगभग 20 मामले आए हैं। इनमें से अधिकांश मामले उत्तर भारत के राज्यों हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सामने आए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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