कृषि क्षेत्र के लिए संसाधनों की कमी नहीं : प्रणब (लीड-1)
पूर्वी क्षेत्र में हरित क्रांति पर आयोजित एक कार्यशाला में मुखर्जी ने कहा, "संसाधनों की कोई कमी नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि प्रत्येक किसान को समय पर इस योजना का लाभ मिले ताकि खरीफ मौसम से पहले वे अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।"
उन्होंने कहा कि सूखे जैसी आपदाओं से निपटने के लिए भविष्य के लिए खाद्यान्नों का भंडारण सुनिश्चित करने की जरूरत है। मुखर्जी ने कहा, "टिकाऊ कृषि विकास से समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।"
छह राज्यों बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2010-11 में धन आवंटित किया जाएगा।
मुखर्जी ने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा उत्पादन और ज्यादा खरीद की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्वी राज्य खाद्यान्नों का ज्यादा उत्पादन सुनिश्चित करें जिससे वर्ष 2030 तक 1.5 अरब का आंकड़ा छूने जा रही जनसंख्या के लिए अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। वित्त मंत्री ने खाद्यान्नों के बेहतर वितरण तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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