काबुल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे ेकृष्णा
नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा काबुल में 20 जुलाई को होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय दानदाता देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में हामिद करजई सरकार और तालिबान के बीच सुलह के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।
कृष्णा, काबुल जाने से पहले 14-16 जुलाई को इस्लामाबाद में विदेश मंत्री स्तर की वार्ता में शामिल होंगे। इस वार्ता का मकसद भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल करना है।
अधिकारियों ने कहा है कि काबुल द्वारा आयोजित अफगानिस्तान पर पहला सम्मेलन, तालिबान के खिलाफ खिंच रहे लंबे संघर्ष का समाधान निकालने पर आधारित होगा।
उम्मीद है कि 70 से अधिक देश इस सम्मेलन में अपने-अपने प्रतिनिधि भेजेंगे। सम्मेलन में करजई सरकार शासन की मजबूती और राष्ट्रीय स्थिरता के लिए मदद मांगेगी।
इस सम्मेलन में तालिबान के साथ सुलह और उसे मुख्य धारा में शामिल करने जैसे विवादास्पद प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। इसके पहले लंदन सम्मेलन में शांति जिरगा द्वारा इस प्रस्ताव का समर्थन किया गया था।
भारत ने तालिबान को मुख्यधारा में शामिल करने के बारे में कई बार अपनी चिंताओं को दोहराया है, क्योंकि उसे डर है कि इससे काबुल में सत्ता बंटवारे में भारत विरोधी तालिबानी तत्वों को शामिल होने से रोकने की कोशिश का अंत हो जाएगा।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में सत्ता बंटवारे की बातचीत आगे बढ़ाने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे नई दिल्ली की चिंताएं और बढ़ गई हैं। भारत की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के लिए जुलाई 2011 की समय सीमा निर्धारित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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