अपरिपक्व बच्चों को जन्म दे सकती हैं किशोर माताएं
वेबसाइट 'टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक अध्ययन में यह भी कहा गया है कि एक चौथाई किशोर माताओं के 20 वर्ष की होने से पहले वे दोबारा गर्भवती हो जाती हैं और इन माताओं में दूसरी बार एक अपरिपक्व बच्चे को जन्म देने की संभावना ज्यादा होती है।
युवा माताओं की अपेक्षा 93 प्रतिशत किशोर माताएं अपरिपक्व बच्चों को जन्म देती हैं।
आयरलैंड के 'युनीवर्सिटी कॉलेज कोर्क' में हुए इस अध्ययन के शोधकर्ताओं ने 55,000 से अधिक जन्मों का सर्वेक्षण किया था। उनका कहना है कि किशोर माताओं को अपरिपक्व बच्चों को जन्म देने से बचाने के लिए स्वास्थ्य और यौन शिक्षा के प्रति जागरूकता जरुरी है।
अपरिपक्व मतलब 37 सप्ताह के गर्भधारण से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में आगे चलकर स्वास्थ्यगत परेशानियां होने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे बच्चों की जन्म के पहले वर्ष में ही मृत्यु होने का खतरा रहता है।
अध्ययनकर्ता अली खशन कहते हैं कि परिणाम बताते हैं कि ज्यादातर किशोर लड़कियों को गर्भावस्था के दौरान सही चिकित्सा सलाह नहीं मिल पाती है और जब वह अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली होती हैं तो सही स्वास्थ्य सेवाएं नहीं ले पाती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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