यौन उत्पीड़न के खिलाफ विधेयक मानसून सत्र में
नई दिल्ली। देश भर में बढ़ रहे यौन उत्पीड़न के मामलों पर लगाम कसने के लिए जल्द ही इसके खिलाफ कानून बनेगा। केंद्र सरकार मानसून सत्र में ही यौन उत्पीड़न के खिलाफ विधेयक लाएगी। इसमें खास-तौर पर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर शिकंजा कसा जाएगा।
केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री कृष्णा तीरथ ने सोमवार को कहा कि "हम उम्मीद करते हैं कि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया गया है और यह मंत्रणा के अंतिम चरण में है। विधेयक में निजी क्षेत्र पर जोर दिया गया है, जो महिलाकर्मियों का उत्पीड़न रोकने के लिए उद्यत नहीं दिखाई देते।"
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उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून के दायरे में छात्रों, शोधार्थियों, रोगियों एवं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को लाया जाएगा। तीरथ ने कहा, "कई निजी प्रतिष्ठानों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायत सुनने के लिए अब तक समिति तक गठित नहीं की गई है।
प्रस्तावित कानून में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि प्रत्येक फर्म में किसी महिला की अध्यक्षता वाली समिति गठित हो जो ऐसे मामलों की सुनवाई करे।"
विधेयक के मुताबिक निर्देशों का पालन नहीं करने वालों को दंडित किया जाएगा। जो निजी प्रतिष्ठान नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक यह विधेयक संबंधित हितधारकों के पास विचार के लिए भेजा गया है। एक बार जब यह यहां से पारित हो जाएगा तो उसे आगे की कार्रवाई के लिए कैबिनेट की बैठक में भेजा जाएगा।












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