महंगाई कम करने के लिए मायावती को प्रधानमंत्री बनाएं : बसपा (राउंडअप)
प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बसपा कार्यकर्ताओं ने महंगाई और ईंधन कीमतों में वृद्धि के विरोध में धरना प्रदशर्न करके केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।
लखनऊ में ज्योतिबाफुले पार्क में धरना प्रदशर्न का नेतृत्व राज्य के लोक निर्माण मंत्री एवं बसपा महासचिव, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने किया। सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी को पूंजीपतियों का हितौषी करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार बड़े-बड़े धन्नासेठों से पैसे लेकर उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए तेल के दाम बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार बड़े-बड़े धन्नासेठों से पैसे लेकर उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए ईंधन के दाम बढ़ा रही है। सिद्दीकी ने कहा कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ का नारा केवल छलावा है।
बसपा महासचिव ने कहा कि महंगाई पहले से ही आम आदमी की कमर तोड़ रही है। अब पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और रसोई गैस में बढ़ोतरी से आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार कीमतों को तत्काल वापस ले।
सिद्दीकी ने लोगों से आह्वान किया कि महंगाई कम करने के लिए वे मायावती को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाएं।
बसपा सरकार में नगर विकास मंत्री नकुल दुबे ने कहा कि कांग्रेस जनता को महंगाई की आग में झ्झोंककर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। इसके लिए जनता उसे अगले लोकसभा चुनाव में सत्ता से बेदखल करके सजा देगी।
मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर बसपा सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग स्थानों पर पार्टी के धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
बसपा के धरना प्रदर्शन के दौरान कहीं भी हिंसक झड़प या अप्रिय घटना नहीं घटी। बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को आलाकमान से सभी जगहों पर धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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