श्रीनगर में भड़की हिंसा, 3 की मौत (राउंडअप)

मंगलवार सुबह से ही यहां मौत के बाद प्रदर्शन और प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी का सिलसिला चलता रहा। इसी बीच हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज उमर फारुख ने कश्मीरियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने को कहा।

मंगलवार सुबह बटमालू इलाके में एक 17 वर्षीय किशोर मुजफ्फर अहमद भट्ट का शव एक नाले से बरामद होने के बाद इस प्रदर्शन की शुरुआत हुई। मुजफ्फर के घर वालों का आरोप है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के पीछा करने की वजह से वह नाले में कूद गया जहां उसकी मौत हो गई। भट्ट का शव बरामद किए जाने के बाद जब पुलिस ने इलाके में कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी।

भट्ट की मौत के बाद पूरे श्रीनगर में तैनाव फैल गया। सैकड़ों लोगों ने शव को लेकर पुराने श्रीनगर के ईदगाह मैदान में जुलूस निकालने की कोशिश की। इसी अंतिम यात्रा के उग्र होने पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में एक 30 वर्षीय सरकारी मुलाजिम फैय्याज अहमद वानी की मौत हो गई और दो व्यक्ति घायल हो गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "वानी की गर्दन में गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।"

वानी की मौत के बाद हुए प्रदर्शन में बटमालू क्षेत्र में ही एक 25 वर्षीय महिला फैंसी को सीने पर गोली लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद फैंसी की अंतिम यात्रा में शरीक हुए सैकड़ों लोगों के हिंसक होने पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में एक 14 वर्षीय किशोर अबरार अहमद की मौत हो गई।

इसके अलावा एक अन्य युवक ओसिस अहमद उर्फ मंडेला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस वाहनों पर लाउड स्पीकर के जरिए पूरे शहर में कर्फ्यू लागू किए जाने की घोषणा की गई है लेकिन मस्जिद द्वारा लोगों से विरोध प्रदर्शन की अपील के चलते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्रित हो रहे हैं।

हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज ने समर्थकों से कहा कि उन्हें पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा किए जा रहे कथित मानवाधिकारों के हनन के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने चाहिए।

शांति वार्ता के समर्थक माने जाने वाले 37 वर्षीय उमर फारुख को पिछले महीने हुर्रियत द्वारा घाटी में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद उनके श्रीनगर स्थिर घर में ही नजरबंद कर दिया गया था।

प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोल छोड़े। सीआरपीएफ के जवानों ने कुछ पत्रकारों पर भी लाठी चार्ज किया। इसमें समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकार तौसीफ मुस्तफा और एक फोटो पत्रकार फारूक जावेद खान घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हिंसक प्रदर्शनों की ताजा घटनाओं में घाटी में 13 लोगों की मौत हो गई जिनमें से ज्यादातर किशोर हैं और 11 जून के बाद से कथित रूप से सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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