स्वदेशी नौसैनिक लड़ाकू विमान का परीक्षण वर्ष के अंत तक (लीड-1)
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और वायुयान शोध एवं विकास केंद्र (एआरडीसी) के हैंगर में विमान के प्रारूप के प्रदर्शन को देखने के बाद एंटनी ने कहा, "मुझे भरोसा है कि नौसैनिक प्रशिक्षण विमान की पहली उड़ान इस वर्ष के अंत तक होगी और यह देश को वर्ष 2011 में नववर्ष का एक उपहार होगा।"
उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय विमानन उद्योग नौसेना को अगले पांच वर्षो में ऐसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने में सफल होगा।
देश के पहले स्वदेशी नौसैनिक एलसीए की पहली उड़ान इस वर्ष के अंत तक होगी और इसे वर्ष 2015 तक नौसेना में शामिल किया जाएगा।
दो सीटों वाला नौसैनिक प्रशिक्षण विमान (एनपी-1) हवाई परीक्षण से पहले अब कई जमीनी परीक्षणों से गुजरेगा।
इस श्रेणी का दूसरा विमान एकल सीट वाला एनपी-2 अगले वर्ष तैयार होगा। नौसेना की वर्ष 2015 तक दो विमानवाहक समूहों की तैनाती की योजना के लिए एलसीए महत्वपूर्ण हैं। सरकार ने नौसेना के एलसीए कार्यक्रम को वर्ष 2003 में मंजूरी दी थी।
वायुसेना के तेजस विमान की तुलना में नौसेना के संस्करण में पोत पर उतरने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए है। विमान के उतरने में सुविधा और कम समय में गति धीमी करने के लिए आगे के ढांचे को और झुकाया गया है।
एंटनी ने कहा कि नौसेना के लिए विमान का निर्माण एक बहुत चुनौतीपूर्ण काम है तथा उसका परीक्षण और जटिल है।
उन्होंने कहा कि परीक्षण उड़ान के लिए आवश्यक उपकरणों का आयात रूस से किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक हवाई पट्टी का निर्माण शीघ्र ही कर लिया जाएगा। यह व्यवस्था पायलटों और मरम्मतकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए भी उपयोग की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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