एक दिन के बंद के बाद पटरी पर लौटा देश (लीड-1)
दुकानें, व्यापार और उद्योग फिर से खुल गए, सड़कों और राजमार्गो पर यातायात सामान्य हो गया। देश भर के शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में उपस्थिति सामान्य हो गई।
हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने यहां बताया कि उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया है। जबकि रेलवे ने कहा है कि सभी रेल सेवाओं को पूर्ण रूप से सामान्य होने में अभी 24 घंटे और लगेंगे।
ज्ञात हो कि बंद के कारण रेलवे ने 73 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया था और 192 अन्य रेलगाड़ियां के परिचालन बाधित हुई थीं। इसके साथ ही 96 उड़ानें भी रद्द कर दी गई थीं।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "जिन रेलगाड़ियों को अंतिम गंतव्य के पहले ही रोक दिया गया था, उन्होंने सोमवार देर रात अपनी आगे की यात्रा शुरू कर दी थी। ऐसी स्थिति में सामान्य स्थिति बहाल होने में अधिक नहीं तो कम से कम एक दिन तो लग ही जाते हैं।"
विमानन कंपनियों ने कहा है कि उड़ानें सोमवार शाम से अपने आप सामान्य रूप से संचालित होने लगीं और मंगलवार को न तो किसी उड़ान में देरी हुई है, न किसी का मार्ग बदला गया है और न कोई उड़ान रद्द ही की गई है।
ज्ञात हो कि सोमवार को देश के अधिकांश हिस्से में जनजीवन पटरी से उतर गया था, क्योंकि पूरे विपक्ष ने एक दिन के भारत बंद को प्रभावी बनाने के लिए हाथ मिला लिया था।
वामपंथी पार्टियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से ईंधन कीमतों में वृद्धि का विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने सें इंकार कर दिया है।
कीमतों में वृद्धि के बाद डीजल दो रुपये प्रति लीटर, केरोसिन तीन रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल 3.50 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस 35 रुपये प्रति सिलिंडर महंगा हो गया है। लेकिन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कीमतें वापस लेने से इंकार कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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