भारत बंद (उत्तर प्रदेश) : जनजीवन अस्त-व्यस्त, सैकड़ों गिरफ्तार (राउंडअप)
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दावा किया कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कुछ छिटपुट झड़पों को छोड़कर राज्य में कहीं से किसी बड़ी हिंसक घटना की खबर नहीं है।
भाजपा नेता अरुण जेटली, पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी, लखनऊ के सांसद लालजी टंडन, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही सहित सौकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रतिपक्ष के नेता शिवपाल यादव सहित सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई बढ़ी है, जिसने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
उधर, अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार केवल उद्योगपतियों का हित साधने में जुटी हुई है और उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए आम आदमी का निवाला छीन रही है।
सपा ने दावा किया कि बंद के दौरान अकेले लखनऊ में उसके 1,000 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं भाजपा ने दावा किया कि लखनऊ में उसके 2,000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया।
राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने और विक्रमादित्य मार्ग पर बंद समर्थकों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने दावा किया कि लाठीचार्ज में मामूली चोटलि होने के अलावा किसी को गंभीर चोटें नहीं आई हैं।
उधर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके दर्जनों घायल साथियों का उपचार अलग-अलग अस्पतालों में कराया जा रहा है।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि सपाई शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदशर्न कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पार्टी मुख्यालय से निकलते ही उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
अलग-अलग प्रदशर्न कर रहे भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शहरों में रेलमार्ग जाम कर इलाहाबाद, जौनपुर, वाराणसी, मुगलसराय, इटावा और गोरखपुर में रेलगाड़ियां रोकीं। आगरा में सपाइयों ने रोडवेज की बस में तोड़फोड़ कर राजमार्ग जाम कर दिया।
इलाहाबाद के पुलिस अधीक्षक (सिटी) एस.एस. बघेल ने बताया कि इलाहाबाद में गंगा-गोमती एक्सप्रेस को रोक रहे करीब एक दर्जन बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर सहित कई शहरों में प्रमुख बाजार आंशकि रूप से बंद रहे।
बंद समर्थकों ने जबरन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को बंद करवाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications