मंहगाई के विरोध में सोमवार को राष्ट्रव्यापी बंद
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में सोमवार को आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि बढ़ती कीमतों के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद की सफलता के लिए समूचे विपक्ष ने हाथ मिला लिया है।

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव का कहना है कि जेपी आंदोलन के बाद यह पहली बार है जब सभी गैर कांग्रेसी दल एक विशेष मुद्दे पर एकजुट हुए हैं। सोमवार के बंद के ऐतिहासिक घटना होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने युवाओं विशेष तौर पर छात्रों से सड़कों पर उतरने को कहा। पिछले वर्ष कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के सत्ता में वापसी के बाद से सरकार और विपक्ष के बीच यह एक बड़ी रस्साकशी है।
भाजपा प्रवक्ता नितिन गडकरी ने कहा, "भारत बंद के आयोजन पर विपक्षी पार्टियों की एकता अभूतपूर्व है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के ज्वलंत मुद्दों को उठाने के लिए भाजपा और अन्य दलगत राजनीति से ऊपर उठे हैं।" बंद को सभी विपक्षी दलों के समर्थन से पूरे देश में जनजीवन विशेषकर अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने की उम्मीद है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने स्वीकार किया कि सोमवार को व्यापार प्रभावित होगा। आर्थिक मामलों के सलाहकार अंजन रॉय ने कहा कि निश्चित तौर पर देश के कुछ हिस्सों में व्यापार प्रभावित होगा।












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