प्रधानमंत्री ने छात्रों को दी देश के प्रति दायित्व निभाने की प्रेरणा (लीड-1)
संस्थान के 42वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "इस में कोई शक नहीं कि आईआईटी के छात्रों ने देश के बाहर भारत की बेहतर छवि प्रस्तुत करने में अहम भूमिका निभाई है। अब जरूरत इस बात की है कि आप भी यह याद रखें कि देश के लोगों ने आपकी शिक्षा में काफी योगदान दिया है।"
आईआईटी के पूर्व छात्रों को 'उत्कृष्ट राजदूत' की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा, "आईआईटी कानपुर के कई पूर्व छात्र प्रधानमंत्री कार्यालय में भी सेवा दे रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "आपके लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप बीमारियों और गरीबी से जूझते देश को उबारने में अपना योगदान दें।"
उन्होंने कहा, "आईआईटी में होने वाले शोधों में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, दीर्घकालिक कृषि संवर्धन, कम खर्च में स्वास्थ्य सुविधा एवं ऊर्जा बचत को ध्यान में रखा जाना चाहिए।"
मनमोहन सिंह ने आईआईटी के छात्रों से अपील की कि वे निजी क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से देश मजबूत होता है और आगे बढ़ता है। आईआईटी के छात्रों को इसमें महती भूमिका निभानी है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह भी महत्वपूर्ण है कि देश के विभिन्न आईआईटी के बीच सहयोग और साझेदारी बढ़ाते हुए इसे और मजबूत किया जाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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