विज्ञान में और उत्कृष्ट अनुसंधान की जरूरत : प्रधानमंत्री
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के दीक्षांत समारोह को यहां संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आईआईटी और औद्योगिक जगत के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने का भी आह्वान किया।
मनमोहन सिंह ने कहा, "एक राष्ट्र के रूप में हमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान बढ़ाने की आवश्यकता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आज किसी राष्ट्र की ताकत और प्रगति के निर्धारण में एक प्रभावी भूमिका निभाते हैं। जलवायु परिवर्तन जैसी नई चुनौतियों के मद्देनजर यह भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। हमें टिकाऊ कृषि, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और नवाचार की जरूरत है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "किफायती अभियांत्रिकी और अति सस्ते नवाचार में भारत की क्षमता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो रही है। भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को इस क्षमता का इस्तेमाल सभी देशों को प्रभावित करने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रमुख भूमिका निभाने में करनी चाहिए।"
सिंह ने सभी आईआईटी से कहा कि उन्हें अनुसंधान परियोजनाओं में आपस में और अधिक सहयोग करना चाहिए। सिंह ने खासतौर से आईआईटी कानपुर से आग्रह किया कि वह कारपोरेट सेक्टर के साथ अधिक आपसी सहयोग स्थापित करे।
सिंह ने कहा, "इससे दोनों को लाभ होगा। कॉरपोरेट सेक्टर के लिए इससे लागत प्रभावी समाधान और नई प्रौद्योगिकी एवं उत्पाद मिल सकते हैं, तो आईआईटी के लिए इससे अत्यावश्यक कोष प्राप्त हो सकता है और वे अपनी अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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