तेल रिसाव से समुद्र में बढ़ सकता है आर्सेनिक
आर्सेनिक एक जहरीला पदार्थ है जो खनिज पदार्थो में पाया जाता है। कच्चे तेल में भी आर्सेनिक होता है। समुद्र में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने पर यह जहर संपूर्ण खाद्य श्रंखला में पहुंच सकता है।
इंपीरियल कॉलेज लंदन (आईसीएल) के भूविज्ञान और इंजीनियरिंग के स्नात्कोत्तर छात्र और इस शोध के लेखक विमोलपोर्न वेनिपी ने कहा, "हमने मेक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव से पहले यह अध्ययन किया था, लेकिन हमें इस शोध के दौरान इस नए और गंभीर पर्यावर्णीय खतरे के बारे में पता चला।"
उन्होंने कहा, "हर साल कई बड़े तेल रिसाव, ऑफशोर ड्रिलिंग और कुओं के नियमित रखरखाव के दौरान हर साल हजारों गैलन तेल समुद्र में मिल जाता है।"
ताजा अध्ययन में कहा गया है तेल रिसावों के कारण समुद्र के जैव तंत्र को भारी नुकसान हो रहा है और इस नुकसान को समुद्र में आर्सेनिक का स्तर कम करके ही रोका जा सकता है।
तेल कुओं से निकले अनुपयोगी पानी, तेल रिसाव और जमीनी तेल भंडारों से तेल रिसावों के कारण समुद्र में आर्सेनिक का स्तर बढ़ता है।
आईसीएल में भूविज्ञान और इंजीनियरिंग के व्याख्याता मार्क सेफ्टन ने कहा, "हम स्पष्ट तौर पर नहीं कह सकते कि इस वक्त खाड़ी में कितना आर्सेनिक है क्योंकि अभी तेल का रिसाव जारी है।
उन्होंने कहा, "हमारे अध्ययन से साबित होता है कि तेल रिसाव एक जहरीले बम विस्फोट की तरह है जो भविष्य में समुद्री जैव तंत्र पर काफी बुरा असर डाल सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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