दौलत से नहीं खरीदी जा सकती खुशियां
खुशहाली के लिए दुनियाभर के 100,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि आमदनी और सुरक्षा की भावना में तो संबंध होता है लेकिन पैसे और खुशियों के बीच कोई संबंध नहीं है। यह पाया गया है कि निजी व राष्ट्रीय आय बढ़ने के साथ जीवन में संतुष्टि बढ़ती है।
अध्ययन के मुताबिक मौज-मस्ती और आनंद जैसी सकारात्मक भावनाएं अन्य कारकों से मजबूती से जुड़ी होती हैं। इन कारकों में सम्मान मिलने की भावना, स्वतंत्रता की भावना, मित्र होना और संतुष्टिदायक रोजगार शामिल हैं।
वेबसाइट 'टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक इलिनॉय विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सक एड डाईनर कहते हैं, "लोग हमेशा आश्चर्य करते हैं: क्या पैसा आपको खुशहाल बना सकता है?"
उन्होंने कहा कि इस अध्ययन में पता चलता है कि यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप खुशहाली को किस तरह परिभाषित करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में आपको आमदनी और खुशहाली के बीच एक मजबूत संबंध देखने को मिल सकता है।
डाईनर ने कहा कि दूसरी ओर यह बहुत अचंभित करने वाली बात हो सकती है कि सकारात्मक भावनाओं और खुशियों में कितना छोटा संबंध होता है।
उन्होंने कहा कि धनवान होने के साथ आपके जीवन में संतुष्टि बढ़ती जाती है लेकिन इसका आपके जीवन के आनंद पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं होता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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