बसपा सांसद का पारिवारिक झगड़ा अब सड़क पर
स्टील उद्योग के रूप में राणा ग्रुप की स्थापना करने वाले इस परिवार के देश भर में 25 से अधिक लोहे, इस्पात व पेपर का उद्योग है। औद्योगिक घराना होने के साथ-साथ यह परिवार राजनीति में भी अच्छी दखल रखता है।
कादिर राणा के बड़े भाई जाकिर राणा केन्द्रीय श्रम मंत्रालय की सिने वर्कर एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन रहे हैं। उन्हें केन्द्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त था। उनके भतीजे शाहनवाज राणा बिजनौर से बसपा विधायक हैं। वहीं कादिर के समधी बसपा नेता व सांसद मुनकाव अली हैं।
इस परिवार में काफी दिनों से सम्पत्ति के बंटवारों को लेकर खींचतान चल रही थी। कुछ दिनों पूर्व पारिवारिक लोगों ने बंटवारा करा दिया था। शुक्रवार को अचानक ही जाकिर राणा अपने बीवी बच्चे के साथ मेरठ रोड स्थित राणा हाउस के मुख्य दरवाजे पर तम्बू लगाकर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने बसपा सांसद कादिर पर अरोप लगाया कि वह बंटवारे के समझौते का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें सम्पत्ति से बेदखल किया जा रहा है। उन्हें जान का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद अपराध व अपराधियों को संरक्षण देते हैं तथा बसपा से जुड़े होने का लाभ उठाकर उन्हें धमकी देकर उनके हिस्से की फैक्ट्री व सम्पत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन ने फिलहाल सांसद की कोठी पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। सांसद इस मामले में अभी सामने नहीं आए हैं। जाकिर के अनुसार न्याय मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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