भारत को क्षेत्रीय शक्ति बनते देखना चाहता है अमेरिका
वाशिंगटन, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका भारत को क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभरते देखना चाहता है। एक वरिष्ठ रक्षा नीति अधिकारी ने कहा है कि भारत अमेरिका का तेजी से आगे बढ़ता हुआ महत्वपूर्ण साझेदार है।
अमेरिका की अवर रक्षा सचिव मिकेल फ्लोरनी ने एशिया सोसाइटी के सदस्यों को संबोधित करते हुए गुरुवार को कहा, "ओबामा प्रशासन चुनौतियों से निबटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह सीमाओं से परे अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली विकसित करने का इच्छुक है।"
उन्होंने कहा, "एशिया में, खासतौर से पूर्व या दक्षिण एशियाई सुरक्षा के मामले में क्षेत्रीय अंर्तसबंध को बढ़ावा देने पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता है।"
दोनों देशों के बीच रिश्ते को परिपक्व बताते हुए फ्लोरनी ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच सहयोग और साझेदारी की बढ़ती रहेगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग संबंध को प्रगाढ़ बनाने में उत्प्रेरक की तरह कार्य कर रहा है और रक्षा विभाग के अधिकारी दोनों सेनाओं के बीच नजदीकी बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।
फ्लोरनी ने कहा कि भारत आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा साझेदार के रूप में उभरा है तथा साझेदारी में गहरी रुचि ले रहा है।
उन्होंने कहा, "वाशिंगटन और नई दिल्ली में कुछ आलोचकों ने संदेह जताया है कि ओबामा प्रशासन पूर्व में किए वादे पर कायम नहीं रहेगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं है।"
फ्लोरनी ने कहा, "अन्य आलोचकों का अनुमान है कि ओबामा प्रशासन भारत को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नजरिए से देखता है। कुछ अन्य सोचते हैं कि ऊंचा रसूख न होने, समझौतों को लेकर सुर्खियों में बन रहने और 18 महीने की उपलब्धियोंके मद्देनजर हम रिश्ते को अहमियत नहीं दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "रिश्तों में बढ़ावा इसकी उपलब्धियों का जिक्र संक्षेप में नहीं किया जा सकता। अब दोनों देशों को कुछ हासिल करने के लिए कदम आगे बढ़ाने होंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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