उल्फा ने फिर शरू की जबरन वसूली
गुवाहाटी, 2 जुलाई (आईएएनएस)। प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेल लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर दहशतगर्दी फैलाने के काम पर लौट आया है। उल्फा ने पूरे असम में चाय कंपनियों, उद्योगपतियों और व्यापारियों को जबरन वसूली की भारी रकम मुहैया कराने का नोटिस दिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "उल्फा ने अनेक लोगों से पांच लाख से 15 लाख रुपये तक की रकम की मांग की है।"
गुरुवार को उल्फा के 10 सशस्त्र सदस्यों वाले समूह ने उत्तरी असम के तिनसुकिया जिले के एक चाय बागान में घुसकर प्लांटेशन मैनेजर और दो अन्य कर्मचारियों से मारपीट की और उनके तीन वाहन जला दिए।
घायल मैनेजर संधान कुमार तामुली ने आईएएनएस से कहा, "उन्होंने हवाई फायरिंग की मुझे लाठियों से पीटा और हमारे वाहन जला दिए। उल्फा ने कुछ महीने पहले हमसे पैसों की मांग की थी।"
उल्फा सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो अगली बार हाल इससे बुरा होगा।
उल्फा के दो बड़े नेता उल्फा उपाध्यक्ष प्रदीप गोगोई और जनसंपर्क प्रमुख एम. दायमेरी फिलहाल जमानत पर हैं और क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "चाय बागान पर हुए हमले से साबित होता है कि उल्फा ने अपनी ताकत बढ़ाई है और अब हमें लगता है कि वह इस तरह के हमले और भी कर सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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