राजीव गांधी पर अच्युतानंदन की टिप्पणी से हंगामा
मुख्यमंत्री के मुख से इन शब्दों के निकलते ही विपक्षी कांग्रेस के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के. राधाकृष्णन के आसन के समीप आ गए और अच्युतानंदन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने बयान को वापस लें और माफी मांगे क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी आपातकाल के दौरान राजनीति में नहीं थे।
इस बीच अच्युतानंदन को अपनी गलती का अहसास हुआ। भारी शोर-गुल के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मतलब इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी से था। उनकी सफाई के बाद भी कांग्रेस सदस्यों का हंगामा नहीं थमा जिस वजह से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
यह घटनाक्रम उस समय का है जब विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस नीत विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। विपक्ष हाल के दिनों में सत्ताधारी माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कुछ नेताओं द्वारा न्यायपालिका के खिलाफ मौखिक हमलों के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव लाना चाहता था। राज्य में नेता प्रतिपक्ष ओमन चांडी ने इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष के नेता के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, "देश पहले देख चुका है कि आपकी पार्टी (कांग्रेस) न्यायपालिका का कितना सम्मान करती है। इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया और उस समय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश वी.आर. कृष्णा अय्यर पर राजीव गांधी के गुर्गो ने हमले किए थे। उस समय आप लोग क्या कर रहे थे?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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