नारायणपुर हमले में नक्सलियों ने लूटे अत्याधुनिक हथियार
संगठन का कहना है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमले के दौरान उसके भी तीन सदस्य मारे गए थे। प्रतिबंधित संगठन की तरफ से गुरुवार रात जारी एक बयान में कहा गया है, "जवानों से लूटे गए अत्याधुनिक हथियारों से नक्सलियों को अपना हथियारों का जखीरा बढ़ाने में मदद मिलेगी। लूट लिए गए। इन हथियारों में आठ एके 47 राइफलें, आठ इंसास राइफलें, तीन एसएलआर, दो मार्टार और दो एलएमजी शामिल हैं।"
संगठन की तरफ से कहा गया है कि इस हमले में तीन नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में प्लाटून कमांडर बंदु और शंकर तथा सेक्शन कमांडर रमेश शामिल है।
यह बयान दंडकारण्य विशेष जोन समिति के प्रवक्ता गुदसा उसेंदी की तरफ से भेजा गया है। बयान के मुताबिक यह हमला 29 जून दोपहर एक बजे किया गया। इस हमले में सीआरपीएफ के 27 जवान मारे गए और सात घायल हो गए।
बयान में कहा गया है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री पी. चिदंबरम और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को सीआरपीएफ के जवानों की मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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